हेल्लो दोस्तों तो आज हम बात करने वाले है कि धरती पर मानव का विकास केसे हुआ और और मनुष्य धरती पर कब आए और कैसे आए , और मनुष्य का दूसरा नाम क्या है सेंटिस्ट के अनुशार आज से लगबग 53 वर्ष पहले परकत हुए थे आज का मानव ( 2,00,000 ) वर्ष पहले धरती कि मोजुदगी में आया जेसा कि आपको पता है जैसा खाना हम आज के समय के खा रहे है वेसा पहले नही था पहले के समय में घास फूस , पोधे और शिकार करके अपना पेट भरते थे तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको इन सभी चीजो के बारे में बताएगे

पहले के समय में साइंटिस्ट को 19वी शताब्दी के बारे में ज्यदा कुछ पता नही था लकिन झा पर उनको शक ह्या कि यह पर हमे कुछ मिल सकता है वह पर उन्होंने खुदाई करवाई इस तरह से काफी खुदाई होने पर उनको पुराने जीवो कि हडियाँ मिली और कुछ हडियाँ मनुष्य कि भी मिली साथ ही कुछ पुराने बर्तन भी मिले किसने उनको काफी कुछ पता चला और ये भी पता चला कि मानव जाती का विकास लगबग 40 लाख वर्ष पुराना हैhttps://www.onlinegyani.com/manushya-ka-janam/

मानव कि उत्पत्ति तथा प्रारम्भिक समाज

जैसा कि आप सब जानते है कि मानव का विकास वानर से हुआ है क्योंकि यह बात हम सुरु से ही सुनते आ रहे है तो दोस्तों मानव जाती स्तनधारी वर्ग से सम्बधित है मानव नर वानर से संभंध रखते है क्योंकि जो स्तनधारी वानर होते है वो जीवो के उन वर्ग से सम्बन्ध रखते है जो पूर्ण रूप से विकशित और बुद्धिमान है आज कल अगर हम छोटे बचे से भी पूछे कि मानव कैसे आया तो वो भी यही कहता है कि बन्दर से तो दोस्तों जो मानव है वो बन्दर तथा लंगूर के वर्ग से सम्बन्ध रखते है उनके शरीर पर बाल होते है और उनके दांत भी काफी प्रकार के होते है 28 – 30 साल पहले नर वनरो के समहू को मनुष्य परिवार के पशु तथा महावानर (Hominid) कहा जाता था जेसा अप जानते है कि पहला के समय में हम वानर कि तरह the और उनकी तरह ही चलते थे पहले हम पशु कि तरह 4 पैरो पर चलते थे लकिन जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे ही वे सीधे खड़े होकर चलने लगे और हाथो का इश्त्त्माल करने लगे अगर हम बात करे कि मावन का विकास क्या अकेला अफ्रीका में हुआ था साइंटिस्ट का कहना है कि आधिमानव का विकास सुरु में 12 – 20 लाख पहले अफ्रीका में हुआ लकिन अकेला अफ्रीका में ही नही मानव का विकास यूरोप ,उतरी तथा दक्षिण पुरीवी एशिया में बी हुआ था

आस्ट्रेलोपिथिक्स ( Australopithecus ) 40 – 30 लाख विर्ष पूर्व तक

प्रथम वनमानुष को आस्ट्रेलोपिथिक्स व Southern ape कहा जाता है और वे पूर्वी अफ्रीका में पाए जाते है साथ ही इनमे मानव कि विशेषता पाई जाती है और यह मानव की तरह खड़े भी हो सकते हैं लेकिन आस्ट्रेलोपिथिक्स और वनमानुष के हाथो कि बनावट के अंतर था आस्ट्रेलोपिथिक्स कि एक उपजाती को Zinjanthropus कहा जाता था और वे पथर के ओजारो का उपयोग करते थे जो कि वो अपने हाथो से बनाए जाते थे और बे इन हथयारो का उपयोग शिकार करने के लिए करत थे

आस्ट्रेलोपिथिक्स के प्रथम अवसेश 1959 में तंजानिया Olduvai Gorge में , ब्रिटिश पुरातत्व वेगानिक Mary Leakey दुवारा खोजा गया था

होमो हैबिलिस ( Homo Habibis ) 24-14 लाख वर्ष पूर्व तक

इस समय के कल में मानव के पंजे इतने कठोर नही थे कि वो लडाई में काम ले सके वो तीखे दांतों वाले बाघो और शेरो का सामना नही कर सकते थे क्योंकि वो इतने शक्तिशाली नही थे जो इनका सामना कर सके और इन्हें अपनी जान बचाने के लिए जल्दी से कम को लपेटना होता था और 24 – 14 ई. पू. के बिच के काल का मानव पत्थर के सस्त्र बनाता था होमो हैबिलिस अपने पूर्वजो कि अपेक्षा हाइट में लम्बे होते थे और वह अपने भोजन कि तलाश में निकलते थे तब उन्हें जहां भी भोजन मिलता था वही डेरा डाल लेते थे और इनका समूह भी इनके खाने पर निर्भर करता था और इनके जो हथियार होते थे वो देखने में बहुत अजीब लगते थे परन्तु उनके शिकार करने के लिए काफी फयदेमद होते थे उस समय के मानवो को आग के चारो और बैठना बहुत पसंद था लकिन इनको आग जलाना नही आता था इनको आग जलाने के लिए कही जलती हुई आग को ढूँढना पड़ता था जिसे वो अपने लिए आग जला सके वेगानिको को होमो हैबिलिस के दुवारा जलाई गयी आग के पास में काफी कुछ अवसेश मिले जिनसे उनको पता चला कि होमो हैबिलिस शिकार करके पशुओ को खाते थे और उनकी हडियो को एक्चित्र करते थे और होमो हैबिलिस अपना खाना पूरा करने के बाद उस स्थान से निकल पड़ते थे क्योंकि उन्हें अगले दिन के लिए भी खाना ढूँढना पड़ता था
सीधा खडे होने वाला मानव (Homo Erectus) 19,143,000 लाख वर्ष पूर्व तक.

मानव का विकास

इस समय में मानव ने आग जलाना सिख लिया था और वह अफ्रीका से चल पड़ा तथा 10 लाख वर्ष पूर्वी विश्व में फ़ैल चूका था इस काल के मानव को विकशित होने में और 2 लाख वर्ष लग गए और इस काल में वो खड़े तो हो गये लेकिन सीधे खड़े होने वाले मानव का आकार उतना ही था जितना कि अज के मानव का है परन्तु जो मानव कि खोपड़ी का आकार था वो आज के मानव के आकार के लगबग 2तिहाई था और आब वह और अच्छे से हथियार बनाने सिख चूका था जैसे कि चाकू , कुल्हाड़े , आधी हतियारो से शिकार करने लग गया था और शायद पहला शिकारी यही मानव ही था इनको आग जलाने का तरीका भी आ चूका था और इस खोज के हमे पता चला कि मानव में काफी परिवर्तन आए लगबग 10 – 15 लाख वर्ष पहले होमो इरेक्टस अफ्रीका को छोड़ कर चले गये और अन्य महाद्वीप पर जाकर रहने लगे और यह इस काल के मानवो के बनाए हुए हथियार भी मिले और उनके शास्त्रों और हथियरो से पता चला कि वह किस दिशा में गए

आज का बुद्धिमान मानव (Homo Sapiens) 3,00,000 लाक वर्ष पूर्व से आज तक

इस काल के अवसश्सो से पता चलता है कि इन आरम्भिक मानवो के bone marrow वर्तमान मानवो के bone marrow जैसे थे और जो होमो सेपियन्स कि खोपड़ी और होमो इरेक्टस कि खोपड़ी से अधिक बढ़ी थी और आगे कि ओर झुकी हुई थी इसमें दिमाक का आकार बढने के लिए स्थान कि गुंजाईश थी और इस काल का मानव अपने शारीर के दुवारा खाना इकठा करता था और वह पथरो के ओजारो , सुइओं से मछली पकड़ने के कांटे बनाता था वह जानवरों कि चमड़ी से चमड़े के जुटे बनता था

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आशा है कि इस आर्टिकल आपने मानव का विकास के बारे में अधिक से अधिक जानकारी सीखने को मिली होगी. आगे भी हम इसी प्रकार की जानकारी आप तक पहुंचाते रहेंगे इसलिए अपने ज्ञान को बढ़ाते रहिए और इस वेबसाइट पर बार-बार विजिट करते रहिए अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं या चाहते हैं कि किसी विशेष विषय पर आर्टिकल पब्लिश करें तो आप हमें कमेंट सेक्शन में बताएं.

 

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